चीनी के बढ़ते दाम पर सरकार सख्त, जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक लिमिट लागू

(ब्यूरो रिपोर्ट )TIMES7NEWS |Delhi देशभर में चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। कई शहरों में चीनी का खुदरा भाव करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरों के बीच आने वाले त्योहारी सीजन में कीमतों में और उछाल की आशंका जताई जा रही है। बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने चीनी की जमाखोरी पर अंकुश लगाने और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए स्टॉक लिमिट के नियम सख्त कर दिए हैं।

सरकार के इस फैसले को महंगाई से जूझ रहे आम परिवारों के लिए अहम कदम माना जा रहा है। खासकर रोज कमाकर घर चलाने वाले मजदूरों और 10 से 12 हजार रुपये मासिक आय वाले परिवारों पर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के बढ़ते दामों का सीधा असर पड़ रहा है। आटा, दाल, तेल, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों के बीच चीनी के दाम में बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को और बिगाड़ दिया है।

1 सितंबर से लागू होगी स्टॉक लिमिट

सरकार के नए आदेश के अनुसार, हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल या कारोबार करने वाले डीलर और संस्थान अब अपनी 15 दिन की जरूरत से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

सरकार का उद्देश्य त्योहारी सीजन में बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और जमाखोरी के जरिए कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी पर रोक लगाना है। अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के कारण चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है।

बढ़ती महंगाई से आम आदमी परेशान

चीनी के बढ़ते भाव का सबसे ज्यादा असर सीमित आय वाले परिवारों पर पड़ता है। रोज कमाने-खाने वाले लोगों के लिए घरेलू जरूरत की हर वस्तु का बढ़ता दाम चिंता का कारण बन रहा है। महंगाई बढ़ने के साथ आमदनी में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं होने से परिवारों को खर्च चलाने के लिए जरूरी चीजों में भी कटौती करनी पड़ रही है।

केजरीवाल ने केंद्र पर साधा निशाना

चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने गन्ने से इथेनॉल उत्पादन की नीति को चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

वहीं, चीनी के बढ़ते भाव का असर शेयर बाजार में शुगर सेक्टर की कंपनियों पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार को शुगर सेक्टर के कई शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

अब सबसे बड़ी निगाह त्योहारी सीजन पर है। सरकार द्वारा स्टॉक लिमिट लागू करने के बाद बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर कितना असर पड़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल आम आदमी को उम्मीद है कि सरकार के इस कदम से जमाखोरी पर लगाम लगेगी और चीनी के बढ़ते दामों से कुछ राहत मिल सकेगी।

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