कानपुर नगर निगम टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन, 6 मुकदमे दर्ज, दो ठेकेदार गिरफ्तार
सीएम योगी की फटकार के बाद प्रशासन सख्त, 100 करोड़ से अधिक के टेंडर निरस्त; 7 फर्में ब्लैकलिस्ट
TIMES7NEWS कानपुर। नगर निगम के टेंडर में कथित अनियमितता और रंगदारी के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि पुलिस ने दो ठेकेदारों संदीप जैन और रज्जन बाजपेई को गिरफ्तार किया है।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की पांच तहरीरों के आधार पर स्वरूप नगर थाने में पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं, फजलगंज थाने में एक ठेकेदार की तहरीर पर छठा मुकदमा दर्ज हुआ है।
मुकदमे संबंधित फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। इनमें मेसर्स दिलीप बाजपेई, मेसर्स अजय इंटरप्राइजेज, मेसर्स पारसनाथ बिल्डर्स, कैला इंटरप्राइजेज, तिरुपति ट्रेडर्स और जगदंबा इंटरप्राइजेज के नाम शामिल हैं। जगदंबा इंटरप्राइजेज के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हुए हैं।
वहीं, कथित टेंडर सिंडिकेट का सरगना बताए जा रहे आगरा निवासी गोविंद शर्मा की तलाश में पुलिस की टीमें राजस्थान और मध्य प्रदेश में दबिश दे रही हैं। पुलिस के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मामले में प्रशासन ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर निरस्त कर दिए हैं। साथ ही सात फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया गया है।
दरअसल, 22 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नगर निगम की कार्यप्रणाली में कथित धांधली को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद नगर आयुक्त और प्रशासन सक्रिय हुए और मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई।
अब SIT की जांच में टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं, फर्मों की भूमिका और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है। कार्रवाई के बाद नगर निगम से जुड़े ठेकेदारों और फर्मों में हड़कंप मचा हुआ है।
