राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश, मुख्यमंत्री योगी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

TIMES7NEWS - ब्यूरो लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मामलों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों का समयबद्ध समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवाद सीधे तौर पर आमजन के जीवन, किसान हितों और सामाजिक सौहार्द से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने तकनीक आधारित व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता बढ़ाई जाए, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिल सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित अवधि से अधिक समय से लंबित वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और प्राथमिकता के आधार पर पुराने मामलों का समाधान किया जाए। साथ ही तहसील और जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा करने तथा कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन जिलों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां वरिष्ठ अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें और वर्षों से लंबित पुराने मामलों के निस्तारण के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए।
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