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मा चौहान रेप एंड सुसाइड मामले में हरियाणा मानवाधिकार सीमा को न्याय दिलाने के लिए उठ खड़ा हुआ।


ग्रीवेंस कमेटी पलवल की मीटिंग में सीमा के पति हेमराज द्वारा हरियाणा पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप सत्य और गंभीर पाए गए हैं।


मीटिंग में एसपी पलवल ने स्वीकारा कि सुसाइड नोट गायब करने में तत्कालीन विवेचक का हाथ होगी सख्त कार्यवाही। 



हरियाणा: पलवल पिछले 6 सालों से अपने लिए न्याय मांग रही सीमा चौहान जिसने अपने साथ हुए अमानवीय कृत्य के विरुद्ध पुलिस का दरवाजा खटखटाया जहां से घोर निराश होने के बाद उसे आत्महत्या करना ज्यादा बेहतर लगा।उसने मृत्यु का कारण स्पष्ट करते हुए एक सुसाइड नोट लिखा और आत्महत्या कर ली पर हाय रे नियति हरियाणा के पूरे पलवल पुलिस विभाग को फिर भी शर्म नहीं आई उसका सुसाइड नोट भी गायब करके समाज के दैत्यों को बचाने में आज तक जुटी है।

पहली बार हरियाणा मानवाधिकार आयोग की मीटिंग के समक्ष एसपी पलवल ने यह स्वीकार किया की पुलिस फाइल से असली सुसाइड नोट गायब करने में तत्कालीन विवेचना अधिकारी का हाथ है,एसपी राजेश दुग्गल ने यह भी कहा कि उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

अब देखना यह है, की सीमा रेप एंड सुसाइड मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग कितनी दूर तक इस मामले का बोझ उठा सकता है।क्योंकि इससे पहले केंद्रीय बाल एवं महिला विकास मंत्रालय द्वारा भी इस केस को लेकर कुछ कदम उठाए गए लेकिन उनका कोई सकारात्मक परिणाम देखने में नहीं आया ईश्वर जाने इस केस के आरोपियों की पहुंच कहां तक है, जो पूरा की पूरा पुलिस महकमा, राजनीतिक तंत्र सब एक तरफ खड़े हो जाते हैं। ऐसा प्रतीत होने लगता है, कि भारत देश में केवल निर्भया का ही बलात्कार हुआ ना इससे पहले कोई बलात्कार हुआ ना बाद में कोई बलात्कार होने की पुष्टि होती है।क्योंकि निर्भया के दोषियों के साथ जो हुआ वह दूसरी निर्भयाओं के दोषियों के साथ क्यों नहीं हो रहा यह अत्यंत विचारणीय तथ्य है, पूरे देश की आम जनता का भरोसा इन तथ्यों पर टिका रहता है।


(एडीटर इन चीफ : सुशील निगम)

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