समाधान दिवस: कागजों पर ‘ऑल इज वेल’, हकीकत में पीड़ितों को मिला सिर्फ आश्वासन

TIMES7NEWS - कानपुर। सरकार के निर्देश पर शनिवार को नौबस्ता थाने में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। पुलिस रिकॉर्ड और थाना प्रभारी के दावों की मानें तो यहाँ आए मामलों का त्वरित निस्तारण कर दिया गया, लेकिन धरातल पर तस्वीर कुछ और ही नजर आई। एक तरफ जहाँ थाना प्रभारी केवल चार मामलों के आने और उनके निस्तारण की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गंभीर शिकायतों पर जानकारी होने से भी इनकार कर रहे हैं।

माँ ने पहले बड़े बेटे की शिकायत की , फिर थाने पहुँचकर कराया आजाद

समाधान दिवस में पारिवारिक विवाद के अजीबोगरीब मामले सामने आए। एक बुजुर्ग माँ अपने बड़े बेटे की शिकायत लेकर पहुँची। आरोप था कि बड़े बेटे ने मझले बेटे के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया है। पुलिस तत्काल आरोपी को पकड़कर थाने लाई, लेकिन कुछ ही देर में माँ की ममता जाग गई और उन्होंने खुद ही बेटे को छोड़ने की सिफारिश कर दी। पुलिस ने दोबारा गलती न करने की हिदायत देकर उसे छोड़ दिया। वहीं, पति-पत्नी के एक आपसी विवाद में भी पुलिस ने समझा-बुझाकर दोनों के बीच समझौता कराया।

महिला को डंडों से पीटा, थाना प्रभारी को खबर तक नहीं

समाधान दिवस में कानून व्यवस्था पर सवाल तब उठे जब विराट नगर चौकी अंतर्गत सिमरा गांव निवासी रेशमा सोनकर नाम की महिला न्याय की गुहार लगाने पहुँची। रेशमा के अनुसार, तीन दिन पहले कमल चौरसिया के बेटे की साइकिल से उनकी 3 साल की बेटी चोटिल हो गई थी, जिस पर उन्होंने बच्चे को थप्पड़ मार दिया था। इसी रंजिश में आज जब वह आंगनवाड़ी जा रही थीं, तो कमल और उसकी पत्नी ने उन्हें प्लास्टिक के डंडों से सरेराह गिरा-गिराकर पीटा। रेशमा ने लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि थाना प्रभारी ने इस मामले में कोई जानकारी होने से ​नाबालिग से छेड़खानी का मामला, साहब बोले- 'फील्ड में हूँ, जानकारी करके बताऊंगा'

​हैरानी की बात तब हुई जब आवास विकास चौकी क्षेत्र से आए एक गंभीर मामले पर भी पुलिस स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी। एक पिता ने पड़ोस के राहुल नाम के युवक पर अपनी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ छेड़खानी और अश्लीलता का आरोप लगाया है। विरोध करने पर आरोपी पूरे परिवार के साथ अभद्रता करता है। पीड़ित पिता ने बेटी की सुरक्षा के लिए लिखित तहरीर दी, लेकिन जब इस बाबत थाना प्रभारी से पूछा गया तो उनका रटा-रटाया जवाब था— "अभी फील्ड में हूँ, जानकारी कर बताता हूँ।"

इनकी रही मौजूदगी: समाधान दिवस पर थाना प्रभारी बहादुर सिंह, विराट नगर चौकी इंचार्ज अमित खटाना, हंसपुरम चौकी इंचार्ज और आवास विकास चौकी इंचार्ज मुख्य रूप से मौजूद रहे।

​अधिकारियों की अनभिज्ञता दर्शाती है कि समाधान दिवस महज एक औपचारिक खानापूर्ति बनकर रह गया है, जहाँ गंभीर अपराधों पर भी 'जानकारी जुटाई जा रही है' जैसे जवाबों से काम चलाया जा रहा है।

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