कश्मीर के अलगाववादी नेताओं पर अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का शिंकजा और कस गया है। पिछले करीब दो माह से कश्मीर के अलगाववादी नेताओं पर एनआईए की जो कार्रवाई हो रही है, उसका नतीजा है कि इन नेताओं को दिल्ली में अपनी पैरवी के लिए वकील ही नहीं मिल पा रहा है। आपको बता दें कि अलगाववादी नेताओं को आज कोर्ट में पेश किया जाना है। 

दिल्ली के एक प्रोफेसर से किया संपर्क 

सूत्रों के मुताबिक हुर्रियत के कुछ नेता जिनमें शब्बीर शाह और सैयद अली शाह गिलानी अहम हैं, लगातार ऐसे वकीलों के संपर्क में हैं, जो कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के लिए काफी सहानुभूति रखते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इन नेताओं ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एसआर गिलानी के साथ भी कांटैक्ट किया है। हुर्रियत नेताओं ने गिलानी को जिम्मेदारी दी है कि वह उनके लिए वकील तलाशें जो एनआईए की स्पेशल कोर्ट में उनकी पेशी के दौरान उनके पक्ष को मजबूती से रख सकें।

इंटेलिजेंस के मुताबिक अलगाववादी नेताओं को कश्मीर में अपना जनाधार खोने का डर सता रहा है। दरअसल इन नेताओं ने कश्मीर में आतंक को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान से आर्थिक मदद लेकर खूब संपत्ति बनाई जबकि कश्मीर की आवाम आजादी की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। शब्बीर शाह की गिरफ्तारी के बाद गिलानी,यासिन मलिक और मीरवाइज उमर फारुख को डर सता रही है कि जल्द ही हमारी गिरफ्तारी होने वाली है।
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