केडीए की सख्ती के बीच रमईपुर में अवैध प्लाटिंग का आरोप, एल.एम. ड्रीम सिटी पर बिना मानचित्र-रेरा प्लाट बेचने के दावे

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल—कार्रवाई से पहले जांच की मांग, कंपनी का पक्ष आना बाकी



TIMES7NEWS कानपुर। शहर में अवैध प्लाटिंग और मानक विहीन निर्माणों के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) लगातार ध्वस्तीकरण अभियान चला रहा है। इसी बीच रमईपुर-गढ़ेवा मोहसिनपुर क्षेत्र स्थित एल.एम. ड्रीम सिटी प्राइवेट लिमिटेड की एक परियोजना को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, परियोजना के संचालक पर बिना आवश्यक स्वीकृतियों के प्लाट बेचने का आरोप है। दावा किया जा रहा है कि परियोजना का रेरा पंजीकरण नहीं कराया गया है, केडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं है और अन्य आवश्यक अनुमतियों के अभाव में भी लोगों से लाखों रुपये लेकर प्लाट बेचे जा रहे हैं।

आरोप है कि विकसित कॉलोनी का सपना दिखाकर लोगों को आकर्षित किया जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में केडीए द्वारा कार्रवाई की जाती है तो प्लाट खरीदने वाले परिवारों की गाढ़ी कमाई पर संकट खड़ा हो सकता है।

शहर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ केडीए की लगातार कार्रवाई के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि आरोप सही हैं तो रमईपुर स्थित इस परियोजना पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के नेतृत्व में शहर के कई क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लाटिंग के खिलाफ अभियान चलाया गया है। ऐसे में अब रमईपुर की इस परियोजना को लेकर भी लोगों की निगाहें केडीए की कार्रवाई पर टिकी हैं।

हालांकि, एल.एम. ड्रीम सिटी प्राइवेट लिमिटेड और परियोजना से जुड़े मोबीन खान की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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