TIMES7NEWS - कानपुर में चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन, जो मां कूष्मांडा को समर्पित होता है,भज्जा पुरवा कैंट स्थित मां आनंदी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी,सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। लोगों ने फल-फूल, मेवा, मिष्ठान, नारियल-चुनरी, लौंग-कपूर और धूप-दीप अर्पित कर माता से अपनी मनोकामनाएं मांगीं। मां का सोलह श्रृंगार कर भव्य आरती के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की गई। भक्ति भाव से भरे भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर आपसी भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद और हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी राजेंद्र कुमार राज ने बताया कि यह मंदिर ऐतिहासिक और प्राचीन है, जिसकी आयु लगभग 150 से 200 वर्ष मानी जाती है। पुराने समय में यहां एक छोटा चबूतरा था, जहां खुले में ही पूजा-पाठ और जगराते होते थे। बाद में ग्रामवासियों और क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से मंदिर के विस्तार का संकल्प लिया गया।
मंदिर का वर्तमान स्वरूप 16 जनवरी 2000 को मां आनंदी की मूर्ति स्थापना के बाद विकसित हुआ, जब विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया गया। बताया गया कि निर्माण के दौरान मिली ईंटों पर सन 1879 अंकित था, जो इसकी प्राचीनता का प्रमाण है।
मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुआं और नीम का पेड़ भी स्थित है, जहां आज भी विवाह, मुंडन, छेदन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।
इस धार्मिक आयोजन में मंदिर समिति के अनेक सदस्य और क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।