कानपुर RTO में अवैध वसूली का बड़ा खेल! दो ARTO निलंबित, RTO से 15 दिन में जवाब तलब

निरीक्षण में 11 संदिग्ध पकड़े गए, 43,485 रुपये बरामद; दो लिपिकों समेत 15 के खिलाफ काकादेव थाने में FIR

TIMES7NEWS कानपुर। संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) कानपुर नगर में अनियमितता और अवैध वसूली की शिकायतों पर शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।

निलंबित अधिकारियों में ARTO (प्रवर्तन) तृतीय दल सोमलता यादव और ARTO (प्रशासन) आलोक कुमार शामिल हैं। वहीं RTO (प्रशासन) राकेन्द्र सिंह से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अचानक पहुंची जांच टीम, खुली अवैध वसूली की परतें

प्राप्त शिकायतों के बाद जिलाधिकारी कानपुर के निर्देश पर अपर पुलिस उपायुक्त और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कानपुर नगर की टीम ने संभागीय एवं सहायक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। टीम ने कार्यालय में मौजूद करीब 50 लोगों से पूछताछ की।

जांच के दौरान 11 संदिग्ध लोग ऐसे मिले, जिन पर वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर लोगों से रुपये लेने का आरोप सामने आया। इनके पास से 43,485 रुपये बरामद किए गए।

लिपिक भी जांच के घेरे में

जांच में परिवहन कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार की कथित संलिप्तता भी सामने आई। इसके बाद दोनों लिपिकों समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

अधिकारियों की निगरानी पर भी उठे सवाल

शासन ने प्रथम दृष्टया निलंबित अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने और कार्यालय में होने वाली गतिविधियों की उचित निगरानी नहीं करने का दोषी माना है। इसी के चलते दोनों ARTO पर निलंबन की कार्रवाई की गई, जबकि RTO (प्रशासन) से जवाब तलब किया गया है।

RTO में हुई इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी साफ होगा कि कथित अवैध वसूली का नेटवर्क कितना गहरा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

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