कानपुर जेल में हत्या के आरोपी विक्की सोनी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए लापरवाही के गंभीर आरोप

सीने में दर्द के बाद उर्सला अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित; परिवार ने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

TIMES7NEWS कानपुर। कानपुर जिला कारागार में हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी विक्की सोनी उर्फ रवि (37) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उसे जेल प्रशासन द्वारा उर्सला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, जेल के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक, नौबस्ता थाना क्षेत्र के मछरिया निवासी विक्की सोनी वर्ष 2015 के एक हत्या के मामले में जेल में बंद था। वर्ष 2018 में वह पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था, लेकिन बाद में दोबारा गिरफ्तार कर कानपुर जिला कारागार भेज दिया गया था। तब से वह जेल में निरुद्ध था।

मृतक के भतीजे दीपांकर सोनी का आरोप है कि मंगलवार सुबह वह मिलाई के लिए जेल पहुंचा था और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उसे अपने चाचा से मिलने नहीं दिया गया। परिवार का दावा है कि विक्की पहले से हृदय रोग से पीड़ित था और उसकी तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उसकी जान चली गई।

परिजनों के अनुसार, यदि समय रहते उसे कार्डियोलॉजी संस्थान भेजा जाता तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं शाम को सीने में दर्द बढ़ने पर जेल प्रशासन ने एंबुलेंस से उसे उर्सला अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उधर, जिला कारागार अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बंदी की शिकायत मिलते ही तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया था। प्रथम दृष्टया मामला हार्ट अटैक का प्रतीत होता है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए जेल परिसर और मृतक के घर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

फिलहाल इस मामले में परिजन जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। मामला अब जांच के दायरे में है और सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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